Thursday, September 26, 2024

नौसेना प्रमुख एडमिरल त्रिपाठी की ग्रीस यात्रा: रक्षा सहयोग पर चर्चा

 प्रमुख बिंदु:

  1. यात्रा की अवधि: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी 26 से 29 सितंबर 2024 तक ग्रीस की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य भारत और ग्रीस के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को मजबूत करना है, जिसमें नौसैनिक सहयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

  2. द्विपक्षीय बैठकें: एडमिरल त्रिपाठी ग्रीस के वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों से मिलेंगे, जिनमें रक्षा उप मंत्री श्री इयोनिस केफालोगियनिस, हेलेनिक नेवी जनरल स्टाफ के प्रमुख वाइस एडमिरल दिमित्रियोस ई कटारस और हेलेनिक नेशनल डिफेंस जनरल स्टाफ के उप प्रमुख वाइस एडमिरल क्रिस्टोस सासियाकोस शामिल हैं।

  3. मुख्य चर्चा के विषय: यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग, विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा, संयुक्त प्रशिक्षण और नौसैनिक सहयोग के भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।

  4. हेलेनिक नौसेना के दौरे: एडमिरल त्रिपाठी ग्रीस के नौसेना बेड़े के बेस सलामिस बे और हेलेनिक नौसेना अकादमी का दौरा करेंगे, जहां उन्हें ग्रीस की नौसेना क्षमताओं और प्रशिक्षण पद्धतियों से परिचित कराया जाएगा।

  5. नौसैनिक विरासत: ग्रीस के समुद्री इतिहास और नौसेना विरासत के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए हेलेनिक नौसेना संग्रहालय जहाज 'जॉर्जियोस एवेरोफ' पर उनकी मेजबानी की जाएगी।

  6. मित्रता और सहयोग: इस यात्रा से भारत और ग्रीस की नौसेनाओं के बीच सहयोग और मित्रता को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आपसी हितों के क्षेत्रों में सहयोग में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

स्रोत: PIB Delhi

प्रधानमंत्री की शतरंज ओलंपियाड के विजेताओं के साथ बातचीत

 मुख्य बिंदु:

  1. भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत: प्रतिभागियों ने बताया कि यह पहली बार है जब भारत ने दोनों कैटेगरी (ब्वॉयज और गर्ल्स) में गोल्ड मेडल जीता। टीम ने कुल 44 में से 40 अंक प्राप्त किए, जो अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन रहा है।

  2. बढ़ती लोकप्रियता: प्रतिभागियों ने कहा कि हाल के वर्षों में शतरंज की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। खेलों के दौरान दर्शकों की उपस्थिति और समर्थन ने खिलाड़ियों को प्रेरित किया।

  3. 2022 की प्रेरणा: पिछली बार 2022 के ओलंपियाड में भारतीय टीम के गोल्ड से चूक जाने की वजह से इस बार टीम का उत्साह और प्रतिबद्धता ज्यादा मजबूत थी। इसी दृढ़ संकल्प ने उन्हें गोल्ड जीतने में मदद की।

  4. एआई का उपयोग: प्रधानमंत्री ने एआई के शतरंज में उपयोग के बारे में पूछा, और खिलाड़ियों ने बताया कि एआई ने शतरंज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे नई तकनीक और रणनीतियां विकसित हुई हैं।

  5. प्रधानमंत्री की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता: प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि एक देश की प्रगति केवल आर्थिक सफलता से नहीं होती, बल्कि खेल, विज्ञान, कला, और अन्य क्षेत्रों में भी महारत हासिल करने से होती है। उन्होंने खिलाड़ियों को जीवन में कभी संतोष न करने की सलाह दी और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

  6. चेस में व्यक्तिगत अनुभव: प्रतिभागियों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए, जैसे कि किस तरह वे पहले दिग्गज खिलाड़ियों से ऑटोग्राफ लेने दौड़ते थे, और अब लोग उनसे ऑटोग्राफ लेने आते हैं। यह भारतीय शतरंज की प्रगति का प्रतीक है।

  7. फिजिकल फिटनेस का महत्व: प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों को फिजिकल फिटनेस और योग के महत्व के बारे में बताया और कहा कि यह मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत रहने में मदद करता है, जिससे निर्णय लेने की क्षमता भी बेहतर होती है।

  8. अन्य खेलों से प्रेरणा: प्रधानमंत्री ने अपने अनुभवों का जिक्र किया जब उन्होंने गुजरात में खेल महाकुंभ का आयोजन किया था, जिसमें हजारों बच्चे और वयस्क हिस्सा लेते थे। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वे केवल खेल में ही नहीं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में महान बनने की कोशिश करें।

स्रोत: PIB Delhi

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का सियाचिन बेस कैंप दौरा और जवानों से बातचीत

 मुख्य बिंदु:

  • दौरा: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने 26 सितंबर, 2024 को सियाचिन बेस कैंप का दौरा किया और वहां तैनात सैनिकों से मुलाकात की।

  • सियाचिन युद्ध स्मारक: उन्होंने सियाचिन युद्ध स्मारक पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह स्मारक 1984 में ऑपरेशन मेघदूत के बाद से शहीद हुए भारतीय सेना के वीर जवानों और अधिकारियों की याद में स्थापित किया गया है।

  • सैनिकों का संबोधन: राष्ट्रपति ने सैनिकों को संबोधित करते हुए उनकी बहादुरी और त्याग की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सशस्त्र बलों की बहादुरी को सलाम करते हैं और उनका बलिदान सभी के लिए प्रेरणादायक है।

  • चुनौतियाँ: राष्ट्रपति ने इस क्षेत्र में सैनिकों की कठिनाइयों का जिक्र किया, जहां जवान बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों में शून्य से 50 डिग्री नीचे तापमान और जबरदस्त बर्फबारी के बावजूद मातृभूमि की रक्षा के लिए मुस्तैद रहते हैं।

  • सम्मान: उन्होंने जवानों के साहस और धैर्य को असाधारण बताया और कहा कि देशवासी उनके बलिदान और निष्ठा को हमेशा याद रखेंगे।

स्रोत: PIB Delhi

बीसीसीएल की नई पहलों से बढ़ेगी घरेलू कोकिंग कोयले की खपत

 मुख्य बिंदु:

  • उद्देश्य: भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने "मिशन कोकिंग कोल" के अंतर्गत आयातित कोयले पर निर्भरता को कम करने के लिए रणनीतिक पहलों की शुरुआत की है, जो आत्मनिर्भर भारत विजन को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

  • नीलामी प्रक्रिया में सुधार: बीसीसीएल ने इस्पात उत्पादकों के लिए कोकिंग कोयला नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आकर्षक बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इनमें कंसोर्टियम बोली की शुरुआत और पात्रता मानदंडों में संशोधन शामिल हैं।

  • ट्रांच VI और VII नीलामी: ट्रांच VI में कोई कोयला बुक नहीं हुआ, जिसके बाद बीसीसीएल ने अपनी रणनीति में बदलाव किया। ट्रांच VII में, 3.36 मीट्रिक टन कोकिंग कोयले में से 2.40 मीट्रिक टन की सफल बुकिंग की गई, जिससे एक नया मानक स्थापित हुआ।

  • प्रतिबद्धता: बीसीसीएल के मुख्य प्रबंध निदेशक श्री समीरन दत्ता ने नीलामी प्रक्रिया को समावेशी और पारदर्शी बनाने के प्रयासों की सराहना की है। उनका मानना है कि इससे घरेलू कोकिंग कोयले के उत्पादन में वृद्धि होगी और आयात निर्भरता में कमी आएगी।

  • आर्थिक प्रभाव: इन पहलों से भारत के इस्पात उद्योग को मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

स्रोत: PIB Delhi

डॉ. देवेश चतुर्वेदी की अध्यक्षता में यूएन विश्व खाद्य कार्यक्रम की बैठक

 मुख्य बिंदु:

  • बैठक का उद्देश्य: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (यूएन डब्ल्यूएफपी) के साथ देश रणनीतिक योजना (सीएसपी) 2023-2027 के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की।

  • समझौता ज्ञापन (एमओयू): कृषि और किसान कल्याण विभाग और यूएन डब्ल्यूएफपी के बीच खाद्य सुरक्षा और पोषण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसमें चार रणनीतिक परिणाम शामिल हैं:

    1. राष्ट्रीय खाद्य-आधारित सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में सुधार।
    2. पौष्टिक खाद्य पदार्थों की खपत में वृद्धि।
    3. महिलाओं की सामाजिक और वित्तीय गतिशीलता को बढ़ावा देना।
    4. जलवायु-लचीली खाद्य प्रणालियों का निर्माण।
  • सीपीएसी की स्थापना: सीएसपी के तहत पहलों की प्रगति की समीक्षा के लिए एक देश कार्यक्रम सलाहकार समिति (सीपीएसी) का गठन किया गया है, जिसमें संबंधित मंत्रालयों के सदस्य शामिल हैं।

  • बैठक के प्रमुख विषय: डब्ल्यूएफपी की कंट्री डायरेक्टर ने विभिन्न लक्षित परिणामों की स्थिति के बारे में जानकारी दी। डॉ. चतुर्वेदी ने मापनीय पहलों की पहचान और पोषण मानकों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

  • सामिल होने वाले मंत्रालय: बैठक में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास, और अन्य मंत्रालयों के अधिकारी उपस्थित रहे।

स्रोत: PIB Delhi

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण: मतदान प्रतिशत

 मुख्य बिंदु:

  • मतदान प्रतिशत: जम्मू-कश्मीर विधानसभा के दूसरे चरण में रात 11:45 बजे तक लगभग 57.03 प्रतिशत मतदान हुआ।

  • ज़िलावार मतदान: जिलावार अनुमानित मतदान प्रतिशत इस प्रकार है:

    • बडगाम: 62.98%
    • गंदेरबल: 62.51%
    • पुंछ: 73.80%
    • राजौरी: 70.95%
    • रियासी: 74.70%
    • श्रीनगर: 29.81%
  • आंकड़ों की अद्यतन प्रक्रिया: मतदान प्रतिशत क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा लाइव अपडेट किया जा रहा है, और यह आंकड़े पोलिंग पार्टियों के लौटने के बाद अपडेट होते रहेंगे।

  • नोट: ये आंकड़े अनुमानित हैं और कुछ मतदान केंद्रों से डेटा प्राप्त करने में समय लग सकता है।

स्रोत: PIB Delhi

मेक इन इंडिया और ऊर्जा संक्रमण

मुख्य बिंदु:

  • सौर पीवी क्षमता में वृद्धि: "मेक इन इंडिया" पहल के तहत भारत की सौर पीवी मॉड्यूल विनिर्माण क्षमता 2.3 गीगावॉट से बढ़कर 67 गीगावॉट हो गई है।

  • सरकार का लक्ष्य: सरकार का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है, जिससे भारत वैश्विक बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बन सके।

  • मंत्री का बयान: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सरकार घरेलू उद्योगों को हर संभव समर्थन दे रही है और भारत को स्वच्छ ऊर्जा समाधान के लिए एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • उपाय और प्रोत्साहन: सरकार ने सौर पीवी मॉड्यूल और अपस्ट्रीम घटकों के लिए प्रडक्शन लिंक्ड इंसेंटीव (पीएलआई) योजना, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, और हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए इलेक्ट्रोलाइज़र जैसे उपायों की घोषणा की है।

  • निवेश और रोजगार: 48 गीगावॉट सौर पीवी मॉड्यूल विनिर्माण परियोजनाएं पीएलआई योजना के तहत चल रही हैं, जो 1.1 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करेंगी और लगभग 45,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करेंगी।

  • भविष्य की संभावनाएं: भारत को 2026 तक प्रति वर्ष 100 गीगावॉट सौर मॉड्यूल उत्पादन क्षमता हासिल करने की उम्मीद है, जो घरेलू मांग के साथ-साथ निर्यात को भी पूरा करेगा।

स्रोत: PIB Delhi