Wednesday, September 25, 2024

जीडीपी और सीपीआई पर पूर्वानुमानकर्ताओं और अर्थशास्त्रियों के साथ चर्चा

24 सितंबर, 2024 को मुंबई में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएमपीआई) ने जीडीपी और उपभोक्ता मूल्य सूची (सीपीआई) पर पूर्वानुमानकर्ताओं और अर्थशास्त्रियों के साथ एक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। इस बैठक में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव अजय सेठ और मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन सहित कई प्रमुख अर्थशास्त्री शामिल हुए। कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों से 50 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिन्होंने जीडीपी और सीपीआई के सुधार पर विचार-विमर्श किया।

सचिव डॉ. सौरभ गर्ग ने मैक्रो-आर्थिक संकेतकों और हाल ही में शुरू किए गए ई-सांख्यिकी पोर्टल की जानकारी साझा की। उपस्थित लोगों ने डेटा सटीकता, नियमित सर्वेक्षण, और बेहतर डेटा गवर्नेंस के लिए सुझाव दिए। इस वार्ता का उद्देश्य बेहतर डेटा उपलब्धता और नीति निर्णयों में सुधार लाना था। प्रतिभागियों ने मंत्रालय की इस पहल की सराहना की और भविष्य में इसी तरह के और कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।

स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो, भारत सरकार

भारत ने यूएन महासभा में 2030 तक एचआईवी/एड्स समाप्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र में, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया सिंह पटेल ने "रीवाइटलाइज़्ड मल्‍टीलैटरलिज्‍म: रीकमिटिंग टू एंडिंग एड्स टुगेदर" विषय पर एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने 2030 तक एचआईवी/एड्स को समाप्त करने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया, साथ ही 2010 से नए वार्षिक एचआईवी संक्रमणों में 44% की कमी की बात कही, जो वैश्विक कमी दर 39% से अधिक है। पटेल ने गर्भवती महिलाओं के लिए व्यापक परीक्षण कार्यक्रम और भारत की वैश्विक एंटी-रेट्रोवायरल दवाओं की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया, जिससे जरूरतमंदों को सस्ती चिकित्सा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने एचआईवी/AIDS के खिलाफ लड़ाई में निरंतर वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया।

स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो, भारत सरकार

अर्थशास्त्रियों और पूर्वानुमानकर्ताओं के साथ मुंबई में जीडीपी और सीपीआई पर चर्चा

24 सितंबर 2024 को मुंबई में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जीडीपी और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर अर्थशास्त्रियों और पूर्वानुमानकर्ताओं के साथ चर्चा आयोजित की गई। प्रमुख सरकारी अधिकारियों और विभिन्न वित्तीय संगठनों के 50 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस चर्चा में मैक्रो-आर्थिक संकेतकों के आधार संशोधन, डेटा संग्रह और रिलीज प्रक्रिया में सुधार पर सुझाव दिए गए। मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन और अन्य प्रतिभागियों ने बेहतर डेटा गवर्नेंस और समयबद्धता पर जोर दिया। चर्चा के दौरान जीडीपी और सीपीआई के बेस संशोधन, घरेलू खर्च सर्वेक्षण, और अन्य सुधारों पर सुझाव प्रस्तुत किए गए।

Source: PIB Delhi

अंतरिक्ष क्षेत्र में नए क्षितिज: चंद्र अन्वेषण से लेकर राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक

 भारत अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति करने जा रहा है, जिसके लिए हाल ही में कई महत्वाकांक्षी मिशनों को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी दी गई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के नेतृत्व में ये परियोजनाएँ भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और अनुसंधान में अग्रणी बनने की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। प्रमुख पहलों में आगामी चंद्रयान-4 मिशन, वीनस ऑर्बिटर मिशन और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) परियोजना शामिल हैं, जो भारत की तकनीकी क्षमताओं को बढ़ाने और उद्योग में सहयोग को प्रोत्साहित करने का लक्ष्य रखती हैं।

चंद्रयान-4 मिशन

चंद्रयान-4 मिशन का उद्देश्य सफल चंद्र लैंडिंग के बाद चंद्रमा से नमूनों को पृथ्वी पर वापस लाने के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकियों का विकास करना है। यह मिशन भारत के 2040 तक मानव चंद्रमा मिशन के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह डॉकिंग, लैंडिंग और नमूना संग्रह के लिए उन्नत तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह मिशन ISRO द्वारा प्रबंधित किया जाएगा और इसकी कुल लागत ₹2,104.06 करोड़ होने की उम्मीद है। इसमें भारतीय उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ व्यापक सहयोग भी शामिल होगा, जो महत्वपूर्ण रोजगार और तकनीकी विकास उत्पन्न करेगा।

वीनस ऑर्बिटर मिशन

वीनस ऑर्बिटर मिशन (VOM) चंद्रमा और मंगल के बाद भारत के ग्रह अन्वेषण प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मिशन मार्च 2028 में लॉन्च किया जाएगा और इसका उद्देश्य वीनस के चारों ओर एक वैज्ञानिक अंतरिक्ष यान स्थापित करना है। यह मिशन ग्रह की वायुमंडलीय और भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ प्रदान करेगा। इस मिशन का बजट ₹1,236 करोड़ है, और यह भारत की भविष्य की ग्रह अन्वेषण क्षमताओं को मजबूत करेगा।

भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन

भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) का निर्माण गगनयान कार्यक्रम के विस्तार का एक महत्वपूर्ण पहलू है। इसका उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के संचालन के लिए आवश्यक प्रौद्योगिकियों का विकास करना है। इस कार्यक्रम में मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए विभिन्न मिशनों का समावेश किया गया है, जिसमें 2028 तक आठ मिशनों को पूरा करने का लक्ष्य है। BAS की स्थापना से सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

केंद्रीय बजट 2024-25

केंद्रीय बजट 2024-25 में, सरकार ने अंतरिक्ष स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए ₹1,000 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड स्थापित करने की घोषणा की है, जिससे भारत को वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया जा सके।

निष्कर्ष

भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम एक रोमांचक नए चरण में प्रवेश कर रहा है, जो महत्वाकांक्षी मिशनों और तकनीकी प्रगति से भरा है। चंद्रयान-4, वीनस ऑर्बिटर मिशन और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की मंजूरी भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण क्षमताओं को बढ़ाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। ये परियोजनाएँ न केवल भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत करेंगी बल्कि तकनीकी नवाचार और महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेंगी।

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मत्स्य पालन प्रबंधन में ड्रोन प्रौद्योगिकी का उपयोग: सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी का बयान

 केंद्र सरकार के मत्स्य पालन विभाग के सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी ने आज कोलकाता स्थित आईसीएआर-केंद्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान (सीआईएफआरआई) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य पालन प्रबंधन में ड्रोन तकनीक के अनुसंधान एवं विकास की समीक्षा की।

डॉ. लिखी ने बताया कि ड्रोन आधारित अनुप्रयोगों का मछली किसानों तक व्यापक रूप से पहुंचना आवश्यक है। उन्होंने वैज्ञानिकों, मछुआरों, और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत की, जिसमें उन्होंने आधुनिक प्रौद्योगिकी द्वारा मत्स्य पालन क्षेत्र में उत्पादकता और दक्षता को बढ़ाने के संभावित तरीकों पर चर्चा की।

ड्रोन प्रदर्शन में विभिन्न प्रकार की ड्रोन तकनीकों, जैसे स्प्रेयर ड्रोन और कार्गो डिलीवरी ड्रोन, को पेश किया गया। उन्होंने इस दिशा में उठाए गए कदमों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ये तकनीकें ताजी मछली के परिवहन को अधिक प्रभावी और कुशल बनाएंगी।

सचिव महोदय ने प्रधानमंत्री मत्स्य समृद्धि योजना (पीएम-एमकेएसएसवाई) के तहत प्रस्तावित राष्ट्रीय मत्स्य पालन डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) की भी चर्चा की, जिसका उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र में संस्थागत ऋण, बीमा, और ट्रेसबिलिटी को बढ़ावा देना है।

डॉ. लिखी ने सभी संबंधित पक्षों से ड्रोन तकनीक को मछली किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रयास करने और इस संबंध में जानकारी साझा करने की अपील की।

स्रोत: PIB

सम्मिलित भू-वैज्ञानिक परीक्षा, 2023 के लिए आरक्षित सूची की घोषणा

सम्मिलित भू-वैज्ञानिक परीक्षा, 2023 का परिणाम 12 जनवरी, 2024 को घोषित किया गया था, जिसमें 258 उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई थी।

आयोग ने इस परीक्षा के नियम 16 (iv) और (v) के अनुसार एक समेकित आरक्षित सूची भी तैयार की है। खान मंत्रालय द्वारा रखी गई मांग के अनुसार, आयोग ने आरक्षित सूची के तहत 6 उम्मीदवारों की अनुशंसा की है। इनमें 5 भू-भौतिकीविद् (ईडब्ल्यूएस-2, अ. पि. व.-3) और 1 रसायनज्ञ (ओबीसी-1) शामिल हैं।

स्रोत: PIB

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सहायक कमांडेंट) परीक्षा, 2024 का परिणाम घोषित

 संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा 04 अगस्त, 2024 को आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सहायक कमांडेंट) परीक्षा के लिखित भाग के परिणाम के आधार पर, कई उम्मीदवार शारीरिक मानक परीक्षण और चिकित्सा मानक परीक्षण के लिए अर्हता प्राप्त कर चुके हैं।

उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे सभी आवश्यक प्रमाण पत्र तैयार रखें और अपनी पात्रता के समर्थन में उन्हें प्रस्तुत करें। विस्तृत आवेदन पत्र (डीएफ) ऑनलाइन भरने के लिए उम्मीदवारों को आयोग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। शारीरिक परीक्षण की तिथि और स्थान की जानकारी उम्मीदवारों को आईटीबीपी द्वारा दी जाएगी।

स्रोत: PIB