पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा ने 23 सितंबर, 2024 को दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को रोकने और कम करने के लिए उच्चस्तरीय टास्क फोर्स की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की गई:
वायु गुणवत्ता की समीक्षा: सर्दी के मौसम में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के समाधान के लिए हितधारकों की तत्परता का आकलन किया गया।
ई-वाहनों को अपनाना: एनसीआर क्षेत्रों में ई-वाहनों को अपनाने और ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
धान की पराली जलाने की रोकथाम: पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में धान की पराली जलाने की प्रथा को खत्म करने की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी): प्रदूषण के विभिन्न स्रोतों से निपटने के लिए जीआरएपी का सख्त और समय पर कार्यान्वयन आवश्यक बताया गया।
क्रियान्वयन की निगरानी: धान के भूसे के आर्थिक उपयोग को बढ़ाने के लिए सीआरएम मशीनों के पूर्ण उपयोग, एक्स-सिटू प्रबंधन के लिए आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने और दंड की प्रवर्तन कार्रवाइयों पर ध्यान दिया गया।
ई-बस सेवाओं का विस्तार: एनसीआर क्षेत्र में ई-बस सेवाओं को बढ़ाने के लिए राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देशित किया गया, जिससे ई-बसों की संख्या 10,000 तक बढ़ाई जा सके।
पारिस्थितिकी के प्रति जागरूकता: "पेड़ मां के नाम" कार्यक्रम के महत्व पर बल दिया गया, ताकि शहर को हरा-भरा बनाया जा सके।
पटाखों पर प्रतिबंध: पटाखों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सख्ती से प्रतिबंध लागू करने का निर्देश दिया गया।
स्रोत: PIB
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