मुख्य बिंदु:
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में 16वें एशियाई सर्वोच्च लेखा परीक्षा संस्थान संगठन (एएसओएसएआई) की उद्घाटन सभा में भाग लिया।
- राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) का कार्यालय सार्वजनिक वित्त में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- उन्होंने डिजिटल तकनीकों और सार्वजनिक सेवाओं में समावेशिता पर जोर दिया, यह कहते हुए कि सर्वोच्च लेखा परीक्षा संस्थानों (एसएआई) की जिम्मेदारी है कि वे डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को सभी के लिए सुलभ बनाएं।
- राष्ट्रपति ने 2024 से 2027 की अवधि के लिए एएसओएसएआई की अध्यक्षता संभालने के लिए एसएआई इंडिया को बधाई दी और विश्वास व्यक्त किया कि यह अधिक सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देगा।
स्रोत: PIB India
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