Thursday, September 26, 2024

चिकित्सा वस्त्रों के लिए गुणवत्ता नियंत्रण आदेश

 मुख्य बिंदु:

  • नई पहल: वस्त्र मंत्रालय ने मेडिकल टेक्सटाइल्स (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2023 को अधिसूचित किया है, जो 1 अक्टूबर, 2024 से लागू होगा।

  • उद्देश्य: यह आदेश सैनिटरी नैपकिन, बेबी डायपर, पुन: प्रयोज्य सैनिटरी पैड और डेंटल बिब्स जैसे चिकित्सा वस्त्र उत्पादों के लिए गुणवत्ता मानक स्थापित करता है।

  • प्रमाणन अनिवार्यता: उत्पादों को आवश्यक गुणवत्ता मानदंडों को पूरा करने के लिए अनिवार्य रूप से प्रमाणित होना होगा, अन्यथा जुर्माना और दंड लागू होंगे।

  • स्वयं सहायता समूहों को छूट: सरकार ने छोटे उद्यमों और स्वयं सहायता समूहों को इस आदेश की अनुपालन आवश्यकताओं से छूट दी है।

  • महत्वपूर्ण मानदंड: विनिर्देशों में पीएच स्तर, स्वच्छता परीक्षण, जीवाणु और फंगल बायोबर्डन, बायोकम्पैटिबिलिटी और बायोडिग्रेडेबिलिटी शामिल हैं। विशेष रूप से, बेबी डायपर में फेथलेट के स्तर की जांच पर जोर दिया गया है।

  • लाइसेंस की आवश्यकता: आदेश लागू होने के बाद, सभी संबंधित उत्पादों को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) से लाइसेंस लेना होगा, जिससे गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

स्रोत: PIB Delhi

पॉस्को अधिनियम, 2012 के तहत एनसीपीसीआर के दिशानिर्देशों पर चर्चा

 मुख्य बिंदु:

  • सुप्रीम कोर्ट का आदेश: सर्वोच्च न्यायालय ने एनसीपीसीआर को पॉस्को अधिनियम, 2012 की धारा 39 के तहत सहायक व्यक्तियों के लिए आदर्श दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश दिया।

  • बैठक का आयोजन: 25 सितंबर 2024 को नई दिल्ली में एनसीपीसीआर ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक की।

  • उद्देश्य: दिशानिर्देशों के कार्यान्वयन की स्थिति पर चर्चा करना और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करना।

  • सहायक व्यक्तियों की भूमिका: बच्चों की सुरक्षा और पुनर्वास में सहायक व्यक्तियों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

स्रोत: PIB Delhi

'विकसित भारत' जन भागीदारी का एक आंदोलन

 मुख्य बातें:

  • विकसित भारत की परिकल्पना: सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि विकसित भारत की दिशा में भारतीय युवाओं की भागीदारी आवश्यक है और यह आंदोलन जन भागीदारी से बना है।

  • कार्यक्रम का उद्देश्य: पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज में 'विकसित भारत एंबेसडर - युवा कनेक्ट' कार्यक्रम में युवाओं को उनके योगदान के लिए प्रेरित किया गया।

  • युवाओं की जिम्मेदारी: ठाकुर ने बताया कि कॉलेज के छात्र न केवल ज्ञान के केंद्र हैं, बल्कि वे देश के भविष्य के निर्माता भी हैं।

  • सरकारी योजनाएँ: उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं का उल्लेख किया, जैसे लखपति दीदी योजना और जन धन योजना, जो समाज के विभिन्न वर्गों को सशक्त बनाने के लिए तैयार की गई हैं।

  • समाज और अर्थव्यवस्था: उन्होंने किसानों की आत्मनिर्भरता, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और डिजिटल वित्तीय लेन-देन की वृद्धि पर जोर दिया।

  • गुलामी की मानसिकता का अंत: भारत ने विकसित मानसिकता को अपनाया है, जिससे गुलामी की मानसिकता को खारिज किया गया है।

  • सामाजिक मुद्दे: छात्रों से बातचीत में नशीली दवाओं की लत, ग्रामीण विकास, और बेरोजगारी जैसे विषयों पर चर्चा की गई।

  • पौधारोपण और खेल: कार्यक्रम के दौरान 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत पौधारोपण किया गया और ठाकुर ने छात्रों के साथ क्रिकेट खेला।

स्रोत: PIB Delhi

सेवा से सीखें" कार्यक्रम: युवाओं को सशक्त बनाना

 मुख्य बातें:

  • उद्देश्य: युवा मामले मंत्रालय की “सेवा से सीखें” पहल का उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक शिक्षण अनुभव प्रदान करना और स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करना है।

  • प्रगति: 24 राज्यों में इस कार्यक्रम ने गति पकड़ी है, जहां 1700 से अधिक एमवाए भारत स्वयंसेवक 319 अस्पतालों में सक्रिय हैं।

  • स्वयंसेवक कार्य: स्वयंसेवक रोगियों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचाने, ओपीडी काउंटरों का प्रबंधन करने, और सूचना डेस्क का संचालन करने में सहायता करते हैं।

  • मंत्री का बयान: केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, "यह कार्यक्रम पूरे भारत में रोगियों की ज़रूरतों को पूरा करते हुए सेवा की संस्कृति को पोषित करने का उदाहरण है।"

  • अस्पतालों की संख्या: 861 अस्पताल पहले से ही एमवाए भारत पोर्टल पर शामिल हैं, जिसमें 304 अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम और 2,649 स्वयंसेवा के अवसर पैदा किए गए हैं।

  • लाभ: यह पहल वंचित समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवा की पहुँच बढ़ाने और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नेताओं की नई पीढ़ी को बढ़ावा देने का प्रयास करती है।

स्रोत: PIB Delhi

आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत का विचार

आत्मनिर्भर और विकसित भारत की सोच से देश को गुलामी की मानसिकता से बाहर निकालने का आह्वान किया गया।

मुख्य बातें:

  • अनुराग ठाकुर का बयान: लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी में 'विकसित भारत एंबेसडर - युवा कनेक्ट' पहल के अंतर्गत छात्रों से बातचीत में कहा कि यह विचार भारत को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में मदद करेगा।

  • कार्यक्रम का उद्देश्य: इस पहल के तहत महाराष्ट्र के विभिन्न कॉलेजों में युवाओं को विकसित भारत के लक्ष्यों में भागीदारी और जिम्मेदारी के बारे में मार्गदर्शन किया जा रहा है।

  • उपस्थित गणमान्य व्यक्ति: कार्यक्रम में मायर्स एमआईटी संस्थान के ट्रस्टी राहुल कराड, कुलपति डॉ. आर.एम. चिटनिस, राष्ट्रीय स्केटिंग चैंपियन जिनेश नानल और युवा राजदूत कृतिका भंडारी ने भाग लिया।

  • पौधरोपण और श्रद्धांजलि: कार्यक्रम की शुरुआत में 'एक पेड़ मां के नाम' पहल के तहत पौधे रोपे गए, और अनुराग ठाकुर ने संत ज्ञानेश्वर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

  • छात्रों का पंजीकरण: कृतिका भंडारी ने छात्रों को केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय द्वारा संचालित माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रेरित किया।

स्रोत: PIB Delhi

'परिधि 24x25' वेब पोर्टल का शुभारंभ

 केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने "परिधि 24x25" द्विभाषी वेब पोर्टल का उद्घाटन किया।

मुख्य बातें:

  • उद्घाटन: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विजनेक्स्ट और निफ्ट के सहयोग से इस पोर्टल का शुभारंभ किया, जिसमें फैशन और खुदरा क्षेत्र के 150 से अधिक उद्योगपति शामिल हुए।

  • फैशन ट्रेंड: विजनेक्स्ट ने भारतीय फैशन की पहचान बढ़ाने के लिए 60 से अधिक माइक्रो ट्रेंड रिपोर्ट और एआई टैक्सोनॉमी बुक तैयार की है। यह भारत को वैश्विक फैशन ट्रेंड्स की भविष्यवाणी करने में सक्षम बनाता है।

  • बेगूसराय एक्सटेंशन सेंटर: मंत्री ने बेगूसराय में निफ्ट के विस्तार का उद्घाटन किया, जहां बुनियादी सिलाई कौशल सिखाने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई।

  • समझौता ज्ञापन: निफ्ट और राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद (एनएसडीसी) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जो समावेशी विकास को बढ़ावा देगा।

  • प्रशिक्षण कार्यक्रम: कार्यशाला में 31 महिलाओं को बुनियादी कटिंग और टेलरिंग सिखाने के लिए प्रशिक्षित किया गया।

  • विजनेक्स्ट की पहल: यह भारत की पहली पहल है जो एआई और ईआई का उपयोग करके फैशन ट्रेंड की जानकारी प्रदान करती है, जो सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती है।

इस पोर्टल के माध्यम से फैशन उद्योग के लिए व्यापक रुझान और जानकारियाँ हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध हैं।

स्रोत: PIB Delhi

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की 100 दिन की प्रमुख उपलब्धियाँ

 केन्द्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने नई सरकार के पहले 100 दिनों में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

मुख्य उपलब्धियाँ:

  1. लोक संवर्धन पर्व: इस पर्व के माध्यम से मंत्रालय ने अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया, जिसमें 2.5 लाख लाभार्थियों को 1000 करोड़ रुपये का ऋण देने की योजना शामिल है।

  2. समझौता ज्ञापन: एनएमडीएफसी ने इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, और पंजाब ग्रामीण बैंक के साथ समझौता किया, जिससे गैर-प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्रों में ऋण देने में सुविधा होगी।

  3. लद्दाख के लिए पैकेज: वित्तीय सहायता और समर्थन के साथ 10 करोड़ रुपये सिंधु इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और 21 करोड़ रुपये जेकेएलएफसी को आवंटित किए गए।

  4. पीएम विकास योजना: यह योजना अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए है, जिसमें कौशल विकास, कारीगरों के लिए कार्यशालाएँ, और शैक्षिक सहायता शामिल है।

  5. हज सुविधा ऐप: हज-2024 के लिए तीर्थयात्रियों को विभिन्न सेवाएँ उपलब्ध कराने हेतु एक ऐप लॉन्च किया गया है, जिससे शिकायत निवारण और जानकारी सुलभ होती है।

  6. दरगाह ख्वाजा साहब का उर्स: उर्स के आयोजन के लिए परिचालन मैनुअल तैयार किया गया है, जिससे तीर्थयात्रियों का अनुभव बेहतर होगा।

  7. जियो पारसी वेब पोर्टल: पारसी समुदाय के लिए ऑनलाइन आवेदन और वित्तीय सहायता की सुविधा।

  8. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए वित्तीय सहायता और डिजिटल बुनियादी ढांचे का विकास।

  9. भाषिनी प्रौद्योगिकी: अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बहुभाषी सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाई है।

ये उपलब्धियाँ अल्पसंख्यक समुदायों के विकास और उनकी सहायता के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।

स्रोत: PIB Delhi