Wednesday, September 25, 2024

भारत एशिया का तीसरा सबसे शक्तिशाली देश बना, एशिया पावर इंडेक्स में जापान को पीछे छोड़ा

 भारत ने एशिया पावर इंडेक्स में जापान को पीछे छोड़कर एशिया का तीसरा सबसे शक्तिशाली देश बनने की उपलब्धि हासिल की है, जो इसकी बढ़ती भू-राजनीतिक हैसियत को दर्शाता है। यह बदलाव भारत के आर्थिक विकास, युवा जनसंख्या, और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के कारण संभव हुआ है।

मुख्य बिंदु:

  1. आर्थिक विकास: महामारी के बाद भारत ने महत्वपूर्ण आर्थिक सुधार किए हैं, जिससे उसकी जीडीपी में 4.2 अंकों की वृद्धि हुई है।
  2. भविष्य की संभावनाएं: भारत की युवा जनसंख्या इसे चीन और जापान की तुलना में आर्थिक विकास में लाभ प्रदान करती है।
  3. कूटनीतिक प्रभाव: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक मान्यता प्राप्त की है, और 2023 में कूटनीतिक संवादों में छठा स्थान हासिल किया।

इस सूचकांक के माध्यम से भारत की भौतिक क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसके प्रभाव का मूल्यांकन किया गया है। 2024 एशिया पावर इंडेक्स से स्पष्ट है कि भारत एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय शक्ति के रूप में उभर रहा है।

स्रोत: PIB

केंद्रीय बजट 2024-25 में न्यायिक फोरम में अपील दाखिल करने की मौद्रिक सीमा बढ़ाई गई

 केंद्रीय बजट 2024-25 में प्रत्यक्ष कर, उत्पाद शुल्क और सेवा कर के तहत अपील दाखिल करने के लिए मौद्रिक सीमा को बढ़ाया गया है। उच्चतम न्यायालय ने इस संशोधन के मद्देनजर आज प्रत्यक्ष कर के 573 मामलों का निपटारा किया। नई मौद्रिक सीमाएँ आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए 60 लाख रुपये, उच्च न्यायालयों के लिए 2 करोड़ रुपये और सर्वोच्च न्यायालय के लिए 5 करोड़ रुपये निर्धारित की गई हैं। इससे कर मुकदमेबाजी का बोझ कम होने और 'जीवन यापन में आसानी' एवं 'कारोबार करने में आसानी' को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

स्रोत: PIB

ज्योतिरादित्य सिंधिया की बैठक में भारत को दूरसंचार उत्पादों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने पर जोर


श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दूरसंचार क्षेत्र के ओईएम, टीएसपी और टेली-इलेक्ट्रॉनिक इको-सिस्टम पर एक एसएसी बैठक आयोजित की, जिसका उद्देश्य भारत को दूरसंचार उत्पादों के विनिर्माण का केंद्र बनाना और कारोबारी सुगमता बढ़ाना था। उन्होंने स्वदेशी उपकरणों के लिए सरकारी समर्थन का आश्वासन दिया और उद्योग जगत को मिलकर काम करने की आवश्यकता बताई। बैठक में मानकों को वैश्विक स्तर पर बनाए रखने और उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाली सेवाएं प्रदान करने पर भी जोर दिया गया।

स्रोत: PIB

जनरल मैथ्यू: बहु-ध्रुवीय विश्व में शांति के लिए नियम-आधारित व्यवस्था जरूरी

 लेफ्टिनेंट जनरल जेपी मैथ्यू ने इंडो-पैसिफिक चीफ्स ऑफ डिफेंस सम्मेलन में कहा कि नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था और वैश्विक संस्थानों की प्राथमिकता बहु-ध्रुवीय विश्व में शांति बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। सम्मेलन, जो 18 से 20 सितंबर 2024 को हवाई में हुआ, में 28 देशों और बहुपक्षीय संगठनों ने भाग लिया। जनरल मैथ्यू ने विकासशील देशों की आवश्यकता और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में सुधार की बात की, और यह भी बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सामूहिक उपयोग कैसे सुरक्षा और नीति स्पष्टता में योगदान कर सकता है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सैन्य सहयोग बढ़ाना और नियम-आधारित विश्व व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करना था।

स्रोत: PIB

संयुक्त राष्ट्र शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का संबोधन: मानवता केंद्रित विकास और वैश्विक सुधार पर जोर

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के "Summit of the Future" में अपने संबोधन में मानव केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर दिया। उन्होंने गरीबी से 25 करोड़ लोगों को बाहर निकालने की भारत की सफलता को रेखांकित किया। वैश्विक संस्थानों में सुधार, डिजिटल गवर्नेंस और शांति के लिए सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। मोदी ने "वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर" जैसी पहलों के माध्यम से वैश्विक समृद्धि और मानवता के अधिकारों की रक्षा की प्रतिबद्धता दोहराई।

पूरी जानकारी के लिए, PIB दिल्ली पर जाएं।

भारत में म्पॉक्स के नए स्ट्रेन का पहला मामला सामने आया

 भारत ने नए म्पॉक्स स्ट्रेन के पहले मामले की पुष्टि की है, जो केरल के एक 38 वर्षीय व्यक्ति में पाया गया, जो हाल ही में दुबई से लौटा था। यह स्ट्रेन, जिसे क्लैड 1बी कहा जाता है, अत्यधिक संक्रामक है और इसे WHO ने सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया है। भारत में पहले से ही 30 से अधिक म्पॉक्स मामले रिपोर्ट किए गए हैं, लेकिन वे कम संक्रामक क्लैड 2 से संबंधित थे। सरकारी अधिकारी मरीज के संपर्क में आए लोगों पर निगरानी रख रहे हैं।

25 सितंबर के इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ

महत्त्वपूर्ण घटनाएँ

 1340: निरस्त्रीकरण संधि:  इंग्लैंड और फ्रांस ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य युद्धों के दौरान शांति की स्थापना करना था। यह मध्यकालीन यूरोप में सैन्य तनाव को कम करने के प्रयासों का हिस्सा था।

 1524: वास्को डी गामा की अंतिम यात्रा:   पुर्तगाली खोजकर्ता वास्को डी गामा ने भारत में अपने अंतिम कार्यकाल में दौरा किया, जिससे भारत के साथ पुर्तगाल के व्यापारिक संबंधों को मजबूती मिली।

 1639: अमेरिका में पहली प्रिंटिंग प्रेस:   यह प्रिंटिंग प्रेस अमेरिका में ज्ञान और सूचना के प्रसार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी। इसने शिक्षा में सुधार और प्रकाशनों की संख्या बढ़ाने में सहायता की।

 1654: इंग्लैंड और डेनमार्क का व्यापार समझौता;  इस समझौते ने इंग्लैंड और डेनमार्क के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत किया और समुद्री व्यापार को बढ़ावा दिया।

1846: मेक्सिको पर अमेरिकी सेना का क़ब्ज़ा:   अमेरिकी-मेक्सिकन युद्ध के दौरान, अमेरिकी सेना ने मेक्सिको के मोंटेरी पर कब्जा किया, जिससे अमेरिका की भौगोलिक सीमाएँ बढ़ीं।

 1897: ब्रिटेन में पहली बस सेवा:    लंदन में शुरू हुई इस बस सेवा ने सार्वजनिक परिवहन में क्रांति ला दी और यात्रियों के लिए यात्रा को अधिक सुलभ बनाया।

 1955: रॉयल जॉर्डन वायु सेना की स्थापना:   जॉर्डन ने अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इस वायु सेना की स्थापना की, जो क्षेत्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगी।

 1981: बेलीज की संयुक्त राष्ट्र में सदस्यता:    स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद, बेलीज ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए यूएन में शामिल होने का निर्णय लिया।

1992: मार्स ऑब्जर्वर का प्रक्षेपण:   नासा ने 'मार्स ऑब्जर्वर स्पेसक्राफ्ट' को मंगल ग्रह की जांच के लिए भेजा, लेकिन यह अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद संपर्क खो बैठा।

 1999: आठवें सैफ खेलों का उद्घाटन:   काठमांडू में आयोजित इस खेल आयोजन ने दक्षिण एशियाई खेलों को एक नई दिशा दी और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा दिया।

 2001: सऊदी अरब का तालिबान से संबंध तोड़ना:   यह निर्णय सऊदी अरब की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ को दर्शाता है, जिसने तालिबान की सत्ता के प्रति अपनी स्थिति को स्पष्ट किया।

 2003: गयूम का राष्ट्रपति चुनाव जीतना:   मालदीव के राष्ट्रपति गयूम ने छठी बार चुनाव जीता, जिससे उनकी राजनीतिक स्थिरता को बल मिला और देश के विकास की दिशा में कई योजनाएँ लागू की गईं।

 

2006: दलाई लामा को नागरिकता देने की मांग:   इस दिन तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को भारतीय नागरिकता देने की मांग उठी, जो उनकी भारत में रहने की स्थिति को मजबूत कर सकती थी।

 2006: अनुशेह अंसारी का अंतरिक्ष मिशन:  ईरान की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री अनुशेह अंसारी ने अंतरिक्ष में यात्रा की, जो महिलाओं की भागीदारी के लिए एक प्रेरणा बन गई।

 2015: सिंगापुर में प्रदूषण के कारण स्कूल बंद:   भारी प्रदूषण के चलते सिंगापुर में स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया, जिससे स्वास्थ्य को ध्यान में रखा गया।

 भारतीय घटनाएँ:

1857: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत:   25 सितंबर को कई महत्वपूर्ण घटनाएँ घटीं, जो ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक मजबूत आवाज बनीं। यह संग्राम भारतीय स्वतंत्रता का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बना।

 1911: टूलॉन हार्बर में विस्फोट:    इस विस्फोट में 285 लोग मारे गए, जो उस समय की सुरक्षा और सैन्य तैयारी के प्रति चिंता का विषय बना।

 1947: जम्मू-कश्मीर में सेना का पहला ऑपरेशन:   इस दिन भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में घुसपैठियों के खिलाफ अपना पहला ऑपरेशन शुरू किया, जिससे देश की संप्रभुता की रक्षा हुई।

 1960: अजय कुमार मिश्रा का जन्म:   भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता और 16वीं लोकसभा के सदस्य, जो विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर सक्रियता से काम कर रहे हैं।

 1981: बेलीज की संयुक्त राष्ट्र में सदस्यता:   इस दिन के दौरान भारत ने बेलीज के स्वतंत्रता संग्राम का समर्थन किया और उसे संयुक्त राष्ट्र में शामिल करने के लिए अपनी स्थिति मजबूत की।

 2006: दलाई लामा को नागरिकता देने की मांग:   यह मांग भारतीय राजनीति में एक नई चर्चा को जन्म दिया, जिससे दलाई लामा के भारत में रहने की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया गया।

 जन्मदिन

1914: चौधरी देवी लाल:   भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री और किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले नेता, जिन्होंने हरियाणा में सामाजिक न्याय के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए।

 1920: सतीश धवन:   भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के प्रमुख, जिन्होंने अनेक महत्वपूर्ण प्रक्षेपणों का नेतृत्व किया और देश को अंतरिक्ष विज्ञान में आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दिया।

  दीनदयाल उपाध्याय:    भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख विचारक और संगठक, जिन्होंने 'एकात्म मानववाद' का सिद्धांत प्रस्तुत किया।

 1939: फ़िरोज़ ख़ान:   एक प्रसिद्ध भारतीय अभिनेता और फिल्म निर्माता, जिन्होंने हिंदी सिनेमा में कई यादगार फिल्में कीं।

 1977: दिव्या दत्ता:  फ़िल्म उद्योग में एक प्रमुख अभिनेत्री, जिन्होंने कई उत्कृष्ट फ़िल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए प्रशंसा प्राप्त की।

 निधन

1955: रुक्माबाई:   भारत की पहली महिला चिकित्सक, जिन्होंने महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई सुधारों का समर्थन किया। उनके कार्यों ने भारतीय समाज में महिलाओं की स्थिति को सुधारने में मदद की।

2010: कन्हैया लाल नंदन:    एक प्रमुख पत्रकार, जिन्होंने समाज और राजनीति के मुद्दों पर गहन विचार प्रस्तुत किए और पत्रकारिता को एक नई दिशा दी।

 -2020: एस. पी. बालासुब्रमण्यम:   भारतीय सिनेमा के एक अद्वितीय पार्श्वगायक, जिन्होंने अपनी आवाज़ से हजारों गानों को जीवित किया और भारतीय संगीत को नया आयाम दिया।