केंद्रीय बजट 2024-25 में प्रत्यक्ष कर, उत्पाद शुल्क और सेवा कर के तहत अपील दाखिल करने के लिए मौद्रिक सीमा को बढ़ाया गया है। उच्चतम न्यायालय ने इस संशोधन के मद्देनजर आज प्रत्यक्ष कर के 573 मामलों का निपटारा किया। नई मौद्रिक सीमाएँ आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए 60 लाख रुपये, उच्च न्यायालयों के लिए 2 करोड़ रुपये और सर्वोच्च न्यायालय के लिए 5 करोड़ रुपये निर्धारित की गई हैं। इससे कर मुकदमेबाजी का बोझ कम होने और 'जीवन यापन में आसानी' एवं 'कारोबार करने में आसानी' को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
स्रोत: PIB
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