Wednesday, September 25, 2024

सेवा से सीखें कार्यक्रम: युवाओं को सशक्त बनाना और करुणा की संस्कृति को बढ़ावा देना

युवा मामले विभाग और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने सेवा से सीखें कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक शिक्षण अनुभव प्रदान करना और अस्पतालों में रोगियों को महत्वपूर्ण सहायता देना है। यह पहल 17 सितंबर को शुरू हुई और अब तक 24 राज्यों में फैल चुकी है।

मुख्य बिंदु:

  • स्वयंसेवकों की संख्या: 1700 से अधिक स्वयंसेवक 319 अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवा सहायता में लगे हुए हैं।

  • कार्यक्रम का उद्देश्य: यह कार्यक्रम न केवल रोगियों की सेवा करने में मदद करता है, बल्कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के बारे में जागरूकता भी बढ़ाता है।

  • स्वयंसेवकों के कार्य: स्वयंसेवक विभिन्न कार्यों में सहायता करते हैं, जैसे रोगियों को स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचाने में मदद करना, आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) काउंटरों का प्रबंधन करना, और सूचना डेस्क का संचालन करना।

  • तेजी से प्रगति: कार्यक्रम के लॉन्च के बाद से 861 अस्पताल पहले ही एमवाए भारत पोर्टल पर शामिल हो चुके हैं।

  • राज्यों में तैनाती: गुजरात में 33 अस्पतालों में 273 स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है, इसके बाद राजस्थान, हरियाणा, तमिलनाडु, और उत्तर प्रदेश का स्थान है।

दीर्घकालिक प्रभाव:

सेवा से सीखें कार्यक्रम, सेवा और जिम्मेदारी की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को सार्थक कार्यों में शामिल करने का प्रयास करता है। यह वंचित समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवा की पहुँच में वृद्धि करने का भी प्रयास कर रहा है, जिससे सामाजिक रूप से जिम्मेदार नेताओं की एक नई पीढ़ी का निर्माण होगा।

इस पहल के माध्यम से, एमवाए भारत स्वास्थ्य सेवा सहायता और युवा सशक्तिकरण में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने का वादा करता है।

स्रोत: PIB Delhi

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